बिजली बिल और जुर्माने के दबाव में पान विक्रेता ने दी जान, परिवार ने विभाग पर लगाए गंभीर आरोप

बिजली बिल और जुर्माने के दबाव में पान विक्रेता ने दी जान, परिवार ने विभाग पर लगाए गंभीर आरोप

Paan seller takes his own life under pressure

Paan seller takes his own life under pressure

सैदपुर (गाजीपुर)। Paan seller takes his own life under pressure, बिजली विभाग के उत्पीड़न से परेशान पान विक्रेता ने सुसाइड नोट लिखकर सोमवार को सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। आरोप है कि विभाग ने मनमाना बिजली बिल भेजा, जिससे जमा न करने पर विद्युत चोरी का मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद 1.12 लाख रुपये की आरसी जारी कर दिया।

इतना अधिक बिल जमा करने से असमर्थ दुकानदार ने जान दे दी। पत्नी ने बताया कि मेरे पति बार बार कहते थे कि मैं मर जाऊंगा, तो बिल और जुर्माना माफ हो जाएगा। मैं उन्हें समझाती थी, लेकिन आखिरकार उन्होंने यह कदम उठा लिया।

मुरादचक गांव निवासी सुरेंद्र कश्यप (50) की सीएचसी सैदपुर के सामने पान की दुकान है। सुरेंद्र एवं उनकी पत्नी ज्ञानती दुकान चलाते हैं। सुरेंद्र ने वर्ष 2014 में एक किलोवाट का कनेक्शन लिया था। कनेक्शन लेने के बाद से बिल नहीं जमा करने पर विभाग ने कनेक्शन विच्छेद कर दिया।

17 सितंबर 2025 को विजिलेंस टीम की जांच में सुरेंद्र के घर बाईपास कनेक्शन मिलने पर उनके खिलाफ विद्युत चोरी का मुकदमा विद्युत थाना में दर्ज करा दिया। विद्युत चोरी के मामले में डेढ़ किलोवाट के हिसाब से 65 हजार रुपये जुर्माना लगा दिया गया। साथ ही आठ हजार रुपये सम्मन शुल्क लगा दिया गया है, जिसकी नोटिस भी सुरेंद्र के यहां पहुंच गया था।

दिसंबर 2025 में कुल एक लाख 12 हजार रुपये बकाया राशि हो जाने पर विभाग ने राजस्व विभाग के माध्यम से आरसी जारी कर दी। मुफलिसी में जीवन बसर कर रहे सुरेंद्र विद्युत विभाग की दोहरी मार से परेशान हो गए। तहसील से आरसी वसूली एवं विभाग से जुर्माना जमा करने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था।

बकाया राशि जमा कराने के लिए बिजली विभाग से जारी की गई एक लाख 12 हजार रुपये की आरसी को 11 जून को राजस्व कर्मचारी ने सुरेंद्र के नाम से चल अचल संपत्ति नहीं होने की रिपोर्ट लगाकर वापस कर दी थी। स्पष्ट लिखा था कि संपत्ति न होने के कारण बकाया राशि वसूल पाना संभव नहीं है।

आरोप है कि विभाग के उत्पीड़न से परेशान होकर सोमवार की सुबह सुरेंद्र ने सल्फास खा लिया। आनन फानन स्वजन सीएचसी ले आए, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।

पत्नी ज्ञानती का आरोप है कि बिजली विभाग एवं तहसील के कर्मचारियों द्वारा दबाव बनाया जा रहा था। जब भी आते थे कुछ न कुछ पैसा लेकर जाते थे। इससे परेशान होकर मेरे पति ने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली।

कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि प्रार्थना पत्र मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, अधिशासी अभियंता सुधाकर पांडेय का कहना है कि बकाया बिल जमा न करने पर आरसी जारी की गई थी।

महादेव के नाम से चर्चित सुरेंद्र के जाने का गम

मृतक सुरेंद्र को दो पुत्र एवं दो पुत्रियां हैं। वह अपने कंधे में हमेशा झोला टांगकर चलते थे, जिसमें चंदन की डिबिया रखते थे। कोई भी मिलता था तो उसे चंदन लगाकर महादेव कहते थे, इसलिए सभी लोग उन्हें महादेव कहते थे।

अचानक सल्फास खाने से मौत से सीएचसी के सामने के सभी दवा विक्रेता काफी दुखी थे। उनके दोनों पुत्र सूरज एवं शुभम बाहर रहते थे। पिता की मौत की सूचना पर वह घर के लिए निकल चुके हैं।

विभाग का लगाता रहा चक्कर, किसी ने नहीं सुनी फरियाद

सुरेंद्र बिजली विभाग का चक्कर कई माह से लगा रहे थे। विद्युत वितरण खंड तृतीय कार्यालय का कमोवेश हर कर्मचारी उन्हें जान गया था, लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। सुरेंद्र विभाग के अलावा अन्य लोगों से भी अपनी समस्या बताते थे, लेकिन कोई उसकी सुधि नहीं ले रहा थे।